Arvind pandey
स्वतंत्र भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं दूसरे राष्ट्रपति, भारत रत्न, महान शिक्षाविद, महान दार्शनिक, भारतीय संस्कृति के ज्ञानी, डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती पर उन्हें सदर नमन।
हम उनकी जयंती उनके सम्मान में शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं।
असाधारण मेधा के धनी एवं सादगी की प्रतिमूर्ति डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी जिन्दगी भर खुद को अध्यापक ही कहलाना पसंद करते थे। उनकी लिखी विश्व विख्यात पुस्तक "इंडियन फिलॉसफी" भारतीय दर्शन की आधिकारिक पुस्तक है।
डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी एक महान वक्ता होने के साथ ही साथ विज्ञानी हिन्दू विचारक थे। डॉक्टर राधाकृष्णन जी ने अपने जीवन के 40 वर्ष एक शिक्षक के रूप में व्यतीत किए थे। वह एक आदर्श शिक्षक थे।


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