Indian politician member Arvind pandey
प्रदेश का खेल महकमा अड़तीसवें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पहले ही तैयारी के मामले पर बिल्डरों के आगे नतमस्तक होने जा रहा है. आधी-अधूरी तैयारियों के बीच अगले साल महाआयोजन होना है लेकिन खेल विभाग बिल्डरों के सहारे खिलाड़ियों का आसरा बनाने का ख्वाब देख रहा है.प्रदेश का खेल महकमा अगले साल होने वाले अड़तीसवें राष्ट्रीय खेलों के लिये बिल्डरों के आगे घुटने टेकने की तैयारी कर रहा है. खिलाड़ियों के लिए प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं की कमी है. खेल गांव बनाने के लिए अब तक न तो जमीन चिन्हित की गई है और न ही विभाग के पास कोई प्लान है. देहरादून में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में खेल अवस्थापना सुविधाएं तैयार की जा रही हैं लेकिन प्रदेश के दूसरे हिस्सों में आज भी सुविधाओं का अभाव है. आधी अधूरी तैयारी के बीच राष्ट्रीय खेलों के प्रतिभागियों को ठहराने की तैयारी अब बिल्डरों के भरोसे की जा रही है.
खेल मन्त्री अरविन्द पाण्डेय कहते हैं कि खेल विभाग बिल्डरों से भी बात करेगा. राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को ठहराने के लिये बिल्डरों से मदद ली जाएगी. उधर विभागीय सचिव शैलेष बगोली का कहना है कि निजी संस्थाओं की सुविधाओं का सहारा लिया जाएगा.
मन्त्री और सचिव के बयान से जाहिर है कि अड़तीसवें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी अभी पूरी नहीं है लेकिन सवाल ये है कि निजी बिल़्डरों का सहारा लेने का आखिर क्या मकसद है. क्या सरकारी स्कूल और दूसरे वैकल्पिक संसाधनों पर विचार नहीं किया जा सकता.


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