छात्रों को तो आपने स्कूल यूनिफार्म में देखा होगा, लेकिन शिक्षक और कर्मचारियों के साथ खुद शिक्षा मंत्री भी अब वर्दी में नजर आएंगे। सुनहर हैरानी जरूरी होगी, लेकिन उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री ने यह तय कर लिया है। शिक्षा विभाग में ड्रेस कोड लागू करने जा रहे विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने शनिवार को बड़ा फैसला किया। जींस-टीशर्ट पहनने के शौकीन पांडे ने भविष्य में इन कपड़ों का इस्तेमाल न करने का निर्णय लिया है। शिक्षक-कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड में जो पोशाक तय की जाएगी, पांडे खुद भी उसे पहनेंगे।
इसके पीछे वजह भी जानिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि, विभागीय मुखिया होने के नाते यह मेरा भी कर्तव्य है कि मैं भी अपने परिवार जैसा दिखाई दूं। मालूम हो कि सरकार शिक्षा विभाग में ड्रेस कोड लागू करने जा रही है। हालांकि उच्च शिक्षा विभाग इसे पहले लागू करना चाह रहा था। पर, विद्यालयी शिक्षा विभाग ने तेजी दिखाते हुए एससीईआरटी, सीमेट और डायट में इसे लागू कर दिया है। यहां जींस और टीशर्ट पर पाबंदी लगाई जा चुकी है। अब विभागीय कार्यालय और स्कूलों में तैनात अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारियों के लिए एक जुलाई से ड्रेस कोड लागू किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री से मिला शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल
आज राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात की। अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि ड्रेस कोड विभाग में हर वर्ग के अधिकारी-कर्मचारी पर लागू किया जाए। व्यायाम शिक्षकों को उनकी सुविधानुसार ड्रेस दी जाए। शिक्षा मंत्री ने उन्हें सर्वसम्मति से ही निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
आज राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात की। अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि ड्रेस कोड विभाग में हर वर्ग के अधिकारी-कर्मचारी पर लागू किया जाए। व्यायाम शिक्षकों को उनकी सुविधानुसार ड्रेस दी जाए। शिक्षा मंत्री ने उन्हें सर्वसम्मति से ही निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
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